दिव्य भारत बी एस एम न्यूज : दिनांक :13 जान . 2026

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वामी विवेकानंद जी के विचारों के स्मरण के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवनशैली है—जो आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन सिखाती है। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरणा लेते हुए यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।

कार्यक्रम के दौरान स्टूडियो में नियमित अभ्यास करने वाले विद्यार्थियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि वे शारीरिक व मानसिक परेशानियों—जैसे तनाव, थकान, पीठ-दर्द, एकाग्रता की कमी—के साथ आए थे, लेकिन नियमित योग अभ्यास से उन्हें दोनों स्तरों पर स्पष्ट लाभ हुआ।
विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वस्थ रहेंगे और अपने परिवार व समाज को भी योग अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस अवसर पर कार्यक्रम के सदस्यों के रूप में कविता निकम, प्रणिता अत्तारदे, सोनम भामरे, सोनम गारले, विशाल भामरे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए योग के सामाजिक महत्व पर जोर दिया।